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भीलवाडा halchal। राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम की ओर से ट्रांसमिशन दरों में प्रस्तावित वृद्धि के विरुद्ध मेवाड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री ने राजस्थान राज्य विद्युत नियामक आयोग में अपील दायर की है। चेम्बर के मानद महासचिव आर के जैन ने बताया कि यद्धपि ट्रांसमिशन चार्जेज तीनों वितरण निगम की ओर से प्रसारण निगम को देय होते है, लेकिन अत्याधिक वृद्धि से यह भार अन्ततः उपभोक्ता पर ही पडेगा। प्रसारण निगम ने वर्तमान ट्रांसमिशन दर 48 पैसे प्रति यूनिट को 69 पैसा प्रति यूनिट करने की मांग की है, जो कि लगभग 50 प्रतिशत वृद्धि है।
चेम्बर ने अपनी याचिका में कहा है कि प्रसारण निगम की ओर से दाखिल दस्तावेजों के अध्ययन पर ज्ञात होता है कि प्रसारण निगम के विभिन्न खर्चो में मात्र 6-7 प्रतिशत की वृद्धि होगी जबकि प्रसारण निगम ट्रांसमिशन दर को 50 प्रतिशत बढाना चाहता है।
मद | वर्ष 2019-20 | प्रस्तावित वर्ष 2020-21 | वृद्धि प्रतिशत में |
ऑपरेशन एवं मेन्टीनेन्स खर्च | 1065.77 करोड | 1131.07 करोड |
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मूल्यहास (डेप्रिसियेशन) | 935.81 करोड | 1032.25 करोड |
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ब्याज खर्च | 1040.47 करोड | 1075.67 करोड |
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कुल | 3042.05 करोड | 3238.99 करोड | 6.47 प्रतिशत |
चेम्बर ने उक्त आंकडों के आधार पर प्रस्तावित 50 प्रतिशत वृद्धि को अस्वीकार करने की मांग की है। साथ ही प्रसारण निगम ने प्रस्तावित वृद्धि में जोधपुर के निकट 765 केवीए के ग्रीड के निर्माण के 2741 करोड रुपये भी जोडे है जो कि पूंजीगत खर्च है। जिसे निगम लोन से अथवा राज्य सरकार से प्राप्त करे, न की उपभोक्ता से।
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