यह कैसा कफ्र्यू: नेशनल हाइवे सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खुली दुकानें, बिना मास्क आ रहे ग्राहकों को सामान दे रहे दुकानदार
बैरां (भैरूलाल गुर्जर)। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए सरकार चाहें 60 घंटे का कफ्र्यू लगाए या लॉकडाउन, लेकिन कुछ लोगों ने तो जैसे ठान रखा है कि वे कोरोना को नहीं जाने देंगे। तभी तो नेशनल हाइवे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कफ्र्यू ही नहीं बल्कि कोरोना गाइडलाइन तक की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं। |
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