राजसमंद बांध में बढ़ी पानी की आवक, 300 गांवों में दूर हुआ पेयजल संकट, सैर सपाटा करने वालों की मौज

 

  राजसमंद जिले के प्रमुख पेयजल बांधों में पानी की आवक न होने से पेयजल संकट की समस्या खड़ी हो गई थी। लेकिन 17 जुलाई से लगातार पानी की आवक होने के बाद बांध का जलस्तर बढ़ रहा था। जिसके बाद राजसमंद जिले का बाघेरी नाका बांध छलक गया। इसकी वजह से लोगों के लिए पानी का संकट भी दूर हो गया है।

बाघेरी बांध के छलकने के बाद क्षेत्र में खुशियां  छा गई हैं। बांध के छलकने से उदयपुर व राजसमंद के 300 से अधिक गांवों के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित हो गई है। वहीं, अब बाघेरी नाका का अतिरिक्त पानी बनास से होता हुआ नंदसमंद पहुंचेगा। जिससे नाथद्वारा शहर में पेयजल आपूर्ति होती है। वहीं अब सुबह-शाम सैर सपाटा करने वालों के लिए भी मौज रहेगी। 

बाघेरी नाका बांध के सहायक अभियंता आलोक सक्सेना के अनुसार, कटार क्षेत्र की ओर से लगातार पानी की आवक होने के बाद 10 मीटर गहरा बांध छलक चुका है। बांध के छलकने के लिए बाघेरी नाका हेडक्वार्टर पर स्टाफ की ओर से सामूहिक सुंदरकांड का पाठ भी किया गया था। 

अतिरिक्त मुख्य अभियंता ललित करोल के अनुसार, जल जीवन मिशन योजना के तहत राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी दिया जाना है। इसी के चलते राजस्थान व राजसमंद जिले में तेजी से कार्य हो रहा है। इस योजना के तहत हर घर जल देने के मामले में राजसमंद जिला नंबर वन पर है। इसी के अंतर्गत बाघेरी का नाका परियोजना में विस्तार हुआ है। पहले बीएसपी व जीएलआर के माध्यम से पानी दिया जा रहा था। लेकिन अब हर घर जल योजना के तहत पानी दिया जा रहा है। बाघेरी नाका बांध के छलकने से यहॉ का नैसर्गिक सौंदर्य दोगुना हो चुका है। अब यहां सैर सपाटा करने वालों का जमावड़ा लग रहा है

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