वकील ने लगाई फांसी, परिजन बोले- पुलिस से तंग आकर की आत्महत्या

 


श्रीगंगानगर जिले में वकील के आत्महत्या के मामले में तूल पकड़ लिया है। मृतक वकील विजय सिंह झोरड़ के परिजनों और उनके साथी अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस से प्रताड़ित होकर विजय ने आत्महत्या की है। उनके परिजनों ने घड़साना थाना अधिकारी मदनलाल बिश्नोई समेत 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिये उकसाने का केस दर्ज कराया है। 

वकील के आत्महत्या के विरोध में मंगलवार घड़साना के बाजार बंद रखा गया है। वहीं, घड़साना और जयपुर समेत कई जगहों पर अधिवक्ताओं ने काम का बहिष्कार भी किया है। राजनीति पार्टियां भी वकील की आत्महत्या को लेकर सरकार पर हमलावर हो गईं हैं। भाजपा विधायक और उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा, घड़साना बार संघ के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट विजय ने पुलिस प्रताड़ना और मारपीट से परेशान होकर आत्महत्या कर ली है। यह घटना सरकार के माथे पर कलंक है। इससे वकीलों में गहरा आक्रोश है।

इधर, मृतक वकील का परिवार और उनके साथी अधिवक्ता आत्महत्या के आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। मांगें पूरी नहीं होने तक उन्होंने शव लेने से भी इंकार कर दिया है। इधर , नागौर से आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी मृतक के परिजनों की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने अपनी पार्टी के तीन विधायकों नारायण बेनीवाल, इंदिरा देवी बावरी और पुखराज गर्ग को धरने में शामिल होने के लिए भी कहा हैं। 

जानें क्या है मामला 
श्रीगंगानगर घड़साना तहसील में सोमवार को घड़साना बार संघ के पूर्व अध्यक्ष विजय सिंह झोरड़ ने आत्महत्या कर ली। इस दौरान वह वह घर पर अकेले थे। विजय ने अपने घर की तीसरी मंजिल पर लगी लोहे की सीढ़ी पर फंदा बांधकर फांसी लगा ली थी। इससे पहले उन्होंने अपने एक वकील दोस्त को फोन कर इसकी जानकारी दी थी। इसके तुरंत बाद दोस्त ने विजय की पत्नी कांता देवी को फोन कर घटना की जानकारी दी। कांता एक शिक्षिका हैं और स्कूल में पढ़ाती हैं। उस दौरान वह स्कूल में ही थीं, जैसे ही उन्हें इसका पता चला वह घर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

विजय के परिवार वालों ने उसकी मौत का जिम्मेदार घड़साना थाना अधिकारी मदनलाल बिश्नोई समेत थाने के अन्य 6 पुलिसकर्मियों को ठहराया। उन्होंने कहा कि इलाके में बढ़ नशे के कोरोबार के खिलाफ विजय ने कुछ समय पहले आंदोलन शुरू किया था। इसके बाद से ही पुलिस उसे प्रताड़ित कर रही थी। अप्रैल में विजय के साथ मारपीट भी की गई थी। इसके बाद से ही वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। 

मृतक के परिजनों ने घड़साना थाना अधिकारी मदनलाल बिश्नोई समेत थाने के अन्य 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सोमवार को केस दर्ज कराया था। धरने पर बैठे परिजन और स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रशासन से 1 करोड़ का मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए और दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित भी किया जाए। इसके बाद ही वह मृतक विजय का शव लेंगे और उसका अंतिम संस्कार करेंगे।  

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