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October 23, 2020 • Raj Kumar Mali

पटना । बिहार विधानसभा चुनाव के सिलसिले में आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन बड़ी चुनावी सभाएं की। जहां वे खुद अलग-अलग अंदाज में दिखे, वहीं, विपक्षी दलों का नाम लिए बिना ही वो सबकुछ कह डाले, जिसके कयास लगाए जा रहे थे। इस दौरान उन्होंने 10 बड़ी बातें भी कही, जिसके बारे में हम आपको बता रहे हैं।
 

पीएम मोदी ने कहा कि बिहार के लोग वो दिन नहीं भूल सकते जब सूरज ढलने के साथ सब कुछ बंद हो जाता था। रात में स्‍टेशन पर ट्रेन से उतरने वाले वहीं रात गुजार देते थे और सुबह में घर जाते थे। तब न बिजली थी, न सड़क। लेकिन आज बिजली व सड़कें हैं और सबसे बड़ी बात यह कि वो माहौल है जिसमें लोग बिना डरे रह सकते हैं। आज बिहार में पीढ़ी भले बदल गई है। लेकिन, नौजवानों को याद रखना है कि बिहार को इतनी मुश्किलों में डालने वाले कौन लोग थे।
 

पीएम ने कहा कि 90 के दशक में बिहार के लोगों का अहित किया गया। बिहार को अराजकता और अव्यवस्था के किस दलदल में धकेल दिया, ये आप में से अधिकांश ने अनुभव किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ने कहा कि एनडीए के विरोधी दल किसानों को नए बिल को लेकर भड़का रहे हैं। सरकारी खरीद पर एनडीए ने जोर दिया है। पशुपालकों और मछली पालकों के लिए पहली बार कार्यक्रम बनाए गए। इंसानों की तरह गौ और पशुपालकों को नंबर दिए गए हैं। इन सुविधाओं के लिए मोबाइल ऐप बनाया गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष में बैठे लोग राष्‍ट्रहित में किए गए फैसलों का विरोध करते हैं। तीन तलाक, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, राम मंदिर, कश्मीर से धारा 370 हटाने की बात पर हमेशा विरोध करने वाले लोग बिहार को विकास नहीं बर्बाद करना चाहते हैं। उनका आपकी जरूरतों व सेवा से कोई सरोकार नहीं है। जब भी जनता इनपर विश्‍वास किया, इन्‍होंने विश्‍वासघात किया। केवल अपने परिवार का भला किया।

पीएम ने कहा कि बिहार के चुनाव इस बार दो कारणों से अहम हैं, एक तो कोरोना महामारी के बीच ये पहला बड़ा चुनाव है, जहां इतनी बड़ी संख्या में मतदान होने वाला है। इसलिए नजर इस बात पर है कि खुद को सुरक्षित रखते हुए बिहार लोकतंत्र को कैसे मजबूत करता है। दूसरा ये चुनाव इस दशक में बिहार का पहला चुनाव है, एनडीए की जीत के साथ ये चुनाव बिहार की भूमिका को और मजबूत करेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक वो दौर था जब लोग कोई गाड़ी नहीं खरीदते थे, ताकि एक राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं को उनकी कमाई का पता न चल जाए। ये वो दौर था जब एक शहर से दूसरे शहर में जाते वक्त ये पक्का नहीं रहता था कि उसी शहर पहुंचेंगे या बीच में किडनैप हो जाएंगे। 
 

 

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में बिहार के इस हिस्से को नक्सलियों के आतंक से मुक्ति दिलाने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। अब नक्सलवाद को देश के एक छोटे से हिस्से में समेट दिया गया है।

पीएम ने कहा कि जितने सर्वे हो रहे हैं, जितनी रिपोर्ट आ रही है, सभी में ये ही आ रहा है कि बिहार में फिर एक बार, एनडीए की सरकार बनने जा रही है। बिहार के लोगों ने मन बना लिया है, ठान लिया है कि जिनका इतिहास बिहार को बीमारू बनाने का है, उन्हें आसपास भी नहीं फटकने देंगे। 

पीएम ने बिहार के लोगों को याद दिलाते हुए यह भी कहा कि आज बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, IIT, IIM जैसे संस्थान खोले जा रहे हैं। यहां बोधगया में भी तो IIM खुला है जिस पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वरना बिहार ने वो समय भी देखा है, जब यहां के बच्चे छोटे-छोटे स्कूलों के लिए तरस जाते थे।