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भारत एक ऐसा देश है जिसने ज्ञान का प्रयोग मानवता के लिए किया
November 10, 2020 • Raj Kumar Mali • भीलवाड़ा हलचल

 

शाहपुरा (हलचल)। आदर्श विद्या मन्दिर शाहपुरा के पूर्व भैया/बहिनों का ऑनलाइन वेबीनार गुगल मीट एप्प के माध्यम से गोविन्द कुमार ,संगठन मन्त्री, विद्या भारती चितौड़ प्रान्त के मुख्य आातिथ्य में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए संगठन मन्त्री ने बताया कि जिस प्रकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बनी है, वर्तमान में मानव संसाधन मंत्रालय शिक्षा मंत्रालय के रूप में परिवर्तित हो गया है। भारत प्राचीन समय से ही ज्ञान, विज्ञान, कला एवं संस्कृति का केंद्र रहा है। भारत ने विश्व को ज्ञान दिया है। लार्ड मैकाले ने शिक्षा के माध्यम से तोड़ने का प्रयास किया विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है, जिसने ज्ञान का प्रयोग मानवता के लिए किया है शिक्षा सबकी हो, सब के हितो के लिए हो राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य ऐसे नागरिकों का निर्माण करना है जो कि विचारों से बौद्धिक, देशप्रेम की भावना जगा सके, नई शिक्षा नीति आंगनबाड़ी केंद्रों से ही प्रारंभ करना विद्या भारती में शिशु वाटिका से ही खेल-खेल के माध्यम से शिक्षा का कार्य किया जा रहा है, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में जीरो से 3 वर्ष की आयु में आंगनबाड़ी 3 से 8 वर्ष की आयु में कक्षा एक व दो आठ से 11 वर्ष की आयु में तीन से पांच में 11 से 14 वर्ष की आयु में कक्षा 6 से 8 तक के तक में त्रिभाषा के  सूत्र  के साथ शिक्षा दी जाएगी। स्थानीय कार्य को बढ़ाना हमारे समाज को कोई भी वर्ग शिक्षा से वंचित नहीं रहे हमारे समाज को ही रोजगार युक्त स्वावलंबन, आत्मनिर्भर, बौद्धिक विकास करना हमारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य है एवं विद्या भारती द्वारा आयोजित संस्कृति ज्ञान परीक्षा में परिवार सहित जुड़ने का आग्रह किया। इस वेबीनार में रोशन लाल पितलिया अध्यक्ष, भीलवाड़ा विद्या भारती शिक्षा संस्थान, अशोक कुमार व्यास, मन्त्री भीलवाड़ा विद्या भारती शिक्षा संस्थान,  देवराज सिंह राणावत, जिला सचिव भीलवाड़ा विद्या भारती शिक्षा संस्थान व स्थानीय विद्यालय प्रधानाचार्य भंवर सिंह राणावत कोठार मोहल्ला प्रधानाचार्य कपिल निम्बार्क  सहित पूर्व छात्र छात्राओं में बहिन मेघा केवलानी और भैया अभिषेक माहेश्वरी ने संगोष्ठी में जुड़कर राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अपनें विचारों का आदान-प्रदान किया। इस वेबीनार में 90 भैया/बहिनो ने अपनी उपस्थिति दी।