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गैस एजेंसी देने का झांसा देकर ग्रामीण युवक से ठगे 10.27 लाख रुपये,
October 19, 2020 • Raj Kumar Mali

 भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। जिले के कोट गांव का एक युवक गुगल पर रोजगार की तलाश करते हुये ठगों के जाल में फंस गया। इन ऑनलाइन ठगों ने युवक से एलपीजी गैस एजेंसी देने के नाम पर ठगों ने 10 लाख 27 हजार 430 रुपये ठग लिये। पीडि़त युवक ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई। इसके बाद रायपुर पुलिस ने ठगी का केस दर्ज कर लिया, जिसकी जांच गंगापुर थाना प्रभारी राजकुमार नायक करेंगे।  
रायपुर पुलिस ने हलचल को बताया कि कोट निवासी कैलाशचंद्र रैगर ने पुलिस अधीक्षक को रिपोर्ट दी। इसमें बताया गया है कि कैलाशंचद्र, गूगल पर रोजगार की तलाश कर रहा था। गूगल पर एलपीजी गैस वितरक का विज्ञापन था। रैगर ने विज्ञापन पर दर्शित लिंक को खोला। उसमें नाम-पता व मोबाइल नंबर, जीमेल आईडी डालनी थी। 21 अगस्त को रैगर ने सारी जानकारी लिंक पर डाल दी। दो तीन दिन बाद रैगर के मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आया। कॉलकर्ता ने  रैगर से मेल आईडी पर गैस एजेंसी आवंटन से संबंधित सारी जानकारी आ जायेगी। इसके बाद 23 अगस्त को मेल आईडी पर मैसेज आया कि कंपनी में आपके आवेदन के लिए 19 हजार 500 रुपये जमा करवाने होंगे। पेमेंट का लिंक शशिकांत तिवारी ने अपने मोबाइल नंबर से व्हाटसएप्प किया है। साथ ही कहा कि 19 हजार 500 रुपये जमा कराने पर कंपनी में आपका रजिस्ट्रेशन हो जायेगा। 
फिर शुरू हुआ ठगी का खेल
रैगर ने ठग द्वारा बताये अनुसार लिंक पर 19 हजार 500 रुपये 24 अगस्त को जमा करवा दिये। इस पर उसी दिन कंफर्मेशन लेटर मेल आईडी पर भेज दिया। इसके बाद 27 अगस्त को 81 हजार 420 रुपये एनओसी के लिए उसी लिंक पर डाल दिये। कंपनी ने 29 अगस्त को एनओसी जारी कर मेल कर दी। फिर 31 अगस्त को एनओसी लेटर ऑन लाइन मेल आईडी पर आ गया। ठगों ने बाद में फिर कॉल किया कि आपको फ्री बुकिंग 400 कनेक्शन प्रति कनेक्शन 1416 रुपये जमा कराने हैं। इसका पेमेंट 5 लाख 66 हजार 400 रुपये बनते हैं। रैगर ने उसकी बात पर विश्वास कर यह राशि भी जमा करवा दी। 
36 लाख का लोनस्वीकृत होने का दिया झांसा
ठगों का खेल अभी खत्म नहीं हुआ। उन्होंने रैगर से और राशि ठगने के लिए उसे 36 लाख रुपये का कंपनी द्वारा लोन स्वीकृत करने का झांसा दिया। यह कहते हुये रैगर को ठगों ने दस प्रतिशत आयकर जमा कराने के लिए कहा। इसकी राशि 3 लाख 60 हजार रुपये बनती है, जो रैगर ने ऑनलाइन जमा करा दी। 5 अगस्त को ठगों ने रैगर के मोबाइल पर टेक्स्ट मैसेज भेजा कि आपके बैंक खाते में आपके बैंक खाते में 39, 60,000 रुपये जमा हो गये हैं, लेकिन 5.9 प्रतिशत जीएसटी की राशि जो 2,33,640 रुपये होती है, जो जमा करो दा, ताकि आपके बैंक खाते में 39, 60,000 रुपये जाम हो जायेंगे। 
बार-बार रुपये की मांग पर हुई शंका
ऑन लाइन ठगों से अंजान रैगर से जब बार-बार रुपयों की मांग की गई तो उसे शंका हुई। इसे लेकर उसने कंपनी की वेबसाइट पर टोलफ्री नंबर पर बात की। वहां कॉल रिसीव करने वाला व्यक्ति भी ठगों से मिला हुआ था। उसने भी रैगर से कहा कि 5.9 प्रतिशत जीएसटी की राशि 2, 33,640 रुपये जमा करानी पडेगी। खाते की जांच करवाई तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई शाखा में वीरेंद्र सिंह के नाम से होने का पता चला, जो पाली जिले का है।  
धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज 
इस तरह ऑन लाइन ठगों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर इंडेन गैस पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड कंपनी के फर्जी व कुटरचित दस्तावेज तैयार कर कंपनी के फर्जी कर्मचारी बनकर गैस एजेंसी दिलाने का झांसा देकर फरियादी रैगर से 10 लाख 27 हजार 430 रुपये ठग लिये। पुलिस ने धोखाधड़ी व आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर जांच गंगापुर थाना प्रभारी राजकुमार नायक के जिम्मे की है।