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गुनाहों का देवता’ बनने से चूक गए थे अमिताभ बच्चन, कभी रिलीज़ नहीं हो सकीं उनकी दो दर्जन से अधिक फ़िल्में ..
October 14, 2020 • Raj Kumar Mali

हिंदी सिनेमा में अमिताभ बच्चन के कद और रुतबे को देखते हुए क्या आपको इस बात पर यक़ीन आएगा कि उनकी दो दर्ज़न से अधिक ऐसी फ़िल्में हैं, जो कभी रिलीज़ ही नहीं हो सकीं। ‘हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है’, ऐसी तमाम लाइनें सुनने के लिए टिकट विंडो के सामने लगने वाली लम्बी कतारें सदी के महानायक की सफलता की कहानी सुनाती हैं, जिनमें कुछ क़िस्से उन फ़िल्मों के भी हैं, जो अमिताभ बच्चन के नायक होते हुए भी कभी पर्दे पर नहीं आ सकीं।

जिस सितारे के साथ फ़िल्म करके निर्माता अपने सितारे बदलने का सपना देखते थे, उसके बारे में यह सोचना भी अजीब लगता है कि उसकी तमाम फ़िल्मों ने रिलीज़ से पहले ही दम तोड़ दिया होगा। मगर, यह सच है। दरअसल, अमिताभ बच्चन की रिलीज़ नहीं होने वाली फ़िल्मों की बात उनके शो कौन बनेगा करोड़पति से निकली है।

क्यों आया अनरिलीज़्ड फिल्मों का जिक्रकौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) के दौरान अमिताभ सामने हॉट सीट पर बैठे कंटेस्टेंट्स से ढेर सारी बातें करते हैं। कभी वो उनका मनोबल बढ़ाने के लिए सलाह देते हैं, तो कभी पर्सनल लाइफ को लेकर भी थोड़ी गुफ्तगू कर लेते हैं। कंटेस्टेंट से बातचीत के दौरान बिग बी कई बार अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ी ऐसी बातें बता देते हैं, जो शायद कम ही लोग जानते होंगे।

इसी क्रम में अमिताभ ने एक एपिसोड में बताया कि वह धर्मवीर भारती की प्रसिद्ध रचना ‘गुनाहों का देवता’ पर आधारित एक फिल्म में काम करने वाले थे। फिल्म में उनके साथ जया बच्चन लीड रोल में थीं। फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो गई थी, दोनों साइकिल पर शूटिंग करते थे, लेकिन ये फिल्म रिलीज़ नहीं हो सकी और इस बात का दुख अमिताभ को आज भी है। साहित्य शिरोमणि डॉ. हरिवंश राय बच्चन के बेटे के इस अफ़सोस को आसानी से समझा जा सकता है। गुनाहों का देवता हिंदी सिनेमा की कालजयी रचना मानी जाती है।

क्या है गुनाहों के देवता की कहानी

धर्मवीर भारती का यह उपन्यास बेहद चर्चित और मशहूर है, जो 1959 में प्रकाशित हुआ था। इस उपन्यास की कहानी तीन किरदारों चन्दर, सुधा और पम्मी के इर्द-गिर्द घूमती है। चंदन, सुधा के प्रोफेसर पिता के प्रिय छात्रों में से एक होता है, जो उनकी बेटी यानी सुधा को दिल बैठता है। इस किताब में चंदन और सुधा के बीच पनपते प्यार को बड़ी खूबसूरती से दिखाया गया है।

'गुनाहों का देवता' ही नहीं जया के साथ अमिताभ ने कीं इतनी फ़िल्में

अमिताभ ने बॉलीवुड की कई अभिनेत्रियों के साथ काम किया है और अब तक कर रहे हैं, लेकिन बिग बी और जया भादुड़ी (शादी के बाद बच्चन) ने बड़े पर्दे पर कई हिट फिल्में दीं, जो लोगों के जेहन में आज भी बसी हैं, जैसे, ‘साल 1972 में रिलीज़ हुई बंसी-बिरजू, 1973 में आयी ज़ंजीर, 1973 में रिलीज़ हुई अभिमान, 1975 में आयीं ‘मिली’, चुपके-चुपके, 1975 में ही रिलीज़ हुई दर्शकों की ऑल टाइम फेवरेट फिल्म शोले और 1981 में रिलीज़ हुई सिलसिला।

 ये फिल्में कभी नहीं हुईं रिलीज़

देवा- इस फिल्म का डायरेक्शन सुभाष घई कर रहे थे।

अपने-पराए- इसमें अमिताभ, रेखा के साथ नज़र आने वाले थे।

सरफरोश- इस फिल्म के निर्देशक मनमोहन देसाई थे और परवीन बाबी को बतौर अभिनेत्री चुना गया था।

 

शांताराम- इस फिल्म में अमिताभ के साथ हॉलीवुड हीरो जॉनी डेप नज़र आने वाले थे।

रणवीर- इस फिल्म में बिग बी अपने बेटे अभिषेक बच्चन के साथ नज़र आने वाले थे।

आलीशान- इसका निर्देशन टीनू आनंद कर रहे थे, इसमें डिंपल कपाड़िया लीड रोल में थीं।

इनके अलावा, टाइगर, यार मेरी ज़िंदगी, ख़बरदार, ख़ुदा गवाह, मेहरुन्निसा, पॉवर, नशा, तंदूर, सेना, युद्ध, कुटुम्ब, मसीहा, बड़ा बाई, रिश्ता, लाड़ला, राम की सीता श्याम की गीता, कैप्टन, बंधुआ, कायर, गुल्ली डंडा, ताला-चाबी, औक़ात, आग का दरिया कभी रिलीज़ ही नहीं हुईं।