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हथियार की नौंक पर  प्रौढ़  का अपहरण, पुलिस ने कराया मुक्त, पांच लाख की फिरौती के लिए दिया वारदात को अंजाम
November 11, 2020 • Raj Kumar Mali • भीलवाड़ा हलचल

 

 भीलवाड़ा प्रेमकुमार गढ़वाल। मालपुरा गांव के एक प्रौढ़ का फिरौती के लिए गाड़ी से आये आठ से नौ लोगों ने अगवा कर बंधक बना लिया, जिसे पुलिस ने मुक्त करवा लिया। अपहरणकर्ताओं ने वारदात को उस वक्त अंजाम दिया, जब प्रौढ़ मृत्य कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दूसरे गांव से अपने गांव लौट रहा था। मांडल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। 
मांडल पुलिस ने हलचल को बताया कि बागौर थाने के मालपुरा गांव में रहने वाले 50 वर्षीय नारायण पुत्र मोती गाडरी ने अपहरण का केस दर्ज करवाया है। नारायण का कहना है कि वह, सात नवंबर को अपने गांव से मृत्यु कार्यक्रम में शामिल होने धूंवाला गया था। 9 नवंबर दोपहर 12 बजे तक वह फोन से अपने भाई भैंरू के संपर्क में रहकर कार्यक्रम में होने वाली जानकारी उसे दे रहा था। इसके बाद कार्यक्रम संपन्न होने के बाद वहां से रवाना होकर मालपुरा जाने लगा तो अचानक से नारायण गाडरी, सोहन गाडरी, दिनेश गाडरी, उदा गाडरी और चार-पांच अन्य व्यक्ति और थे, जिन्हें वह शक्ल से पहचानता है। ये लोग आपराधिक षड्यंत्र रचकर धारदार हथियारों से लैस होकर एक वाहन से आये और सुनसान जगह देखकर इन लोगों ने हथियार की नौंक पर जबरदस्ती परिवादी का अपहरण कर लिया। विरोध करने पर मारपीट और धक्का-मुक्की की। साथ ही जान से मारने की घमकी भी उसे दी गई। परिवादी का कहना है कि उसके पास बाइक भी थी, जिसको गिराकर उसे अगवा कर लिया। बाइक वहीं छूट गई। 
ये लोग नारायण को वाहन में डालकर कई गांवों में दिनभर घूमाते रहे, लेकिन वाहन से बाहर नहीं निकाला। रात को अंधेरा होने पर उसे भीमडिय़ास गांव में ले गये और राजमल गाडरी के मकान में बंधक बनाकर छिपा दिया। इस बीच, परिवादी के भाई भैंरू ने धूंवाला के लोगों से संपर्क कर अपहरण के बारे में जानकारी कर ली। इसके चलते भैंरू ने मांडल थाने में जाकर पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस भीमडिय़ास पहुंची और उसे (नारायण) मुक्त करवा कर अपने साथ थाने ले गई। 
परिवादी का आरोप है कि अपहरणकर्ता उसे छोडऩे के बदले पांच लाख रुपये फिरौती की मांग कर रहे थे। अपहरणकर्ताओं ने नारायण से कहा कि फिरौती के लिए ही अपहरण किया है और इसके समाचार भी भाई भैंरू तक पहुंचा दिये हैं। परिवादी नारायण ने रिपोर्ट में यह भी बताया कि अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो फिरौती के लिए यह लोग उसे जान से भी खत्म कर सकते थे। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।