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कोरोना संक्रमण से हो गये हैं ठीक फिर भी रहें सावधान, नहीं तो…
October 21, 2020 • Raj Kumar Mali

देश में भले की कोरोना के नये मामले अब कम आ रहे हैं पर अब भी इससे सावधान रहने की जरूरत है. आईसीएमआर ने इसे लेकर एक चेतावनी भी जारी की है. आईसीएमआर के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस से ठीक होने के बाद अगर शरीर में पांच महीने में एंटी बॉडीज़ कम होती हैं तो शख्स फिर से संक्रमित हो सकता है. इसलिए अधिकारी ने संक्रमण से बचाव के लिए लोगों से मास्क लगाने और कोरोना से बचने के लिए बताये गये नियमों का पालन करने की अपील की.भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के निदेशक बलराम भार्गव ने बताया कि हम आंकड़े देख रहे हैं कि कितने लोग संक्रमित हुए, ठीक हुए और फिर संक्रमित हुए. आम तौर पर हम जानते हैं कि शरीर में एंटी बॉडीज़ तीन से पांच महीने तक रहती हैं." उन्होंने प्रेस वार्ता में एक सवाल के जवाब में कहा, " सीडीसी ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति 90 दिन के बाद फिर से संक्रमित हो जाता है तो आप इसे पुनःसंक्रमण बताते हैं.हम इसके अनुसार आंकड़ों को देख रहे हैं. जब यह हमारे पास उपलब्ध होंगे तो हम यह आपको दिखाएंगे." उन्होंने कहा कि कुछ अध्ययन बताते हैं कि एंटी बॉडीज़ तीन महीने तक शरीर में रहती हैं जबकि कुछ कहना है कि यह पांच महीने तक रहती हैं. भार्गव ने कहा कि यह नई बीमारी है, इसलिए अभी सीमित जानकारी है. संक्रमण से ठीक होने के बाद अगर पांच महीने के अंदर किसी शख्स के शरीर में एंटी बॉडीज़ कम होती हैं तो उसके फिर से कोविड-19 से संक्रमित होने की आशंका है.

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि देश से लॉकडाउन चला गया है, कोरोना वायरस नहीं, इसलिए त्योहारों के मौसम में हमें लापरवाही बिलकुल भी नहीं करनी है. पीएम मोदी ने कहा कि जबतक कोरोना का वैक्सीन नहीं आया है, हमें सावधान रहना है.पीएम मोदी ने देशवासियों से कहा कि विश्व में सभी देश वैक्सीन के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं. सरकार इस प्रयास में है कि जैसे ही वैक्सीन उपलब्ध हो वो हर भारतीय को मिले. भारत में कोविड 19 के मरीजों के लिए 90 लाख बेड हैं. 12 हजार कोरेंटिन सेंटर हैं. लगभग दो हजार कोरोना की जांच के लिए टेस्टिंग लैब हैं. देश में 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना टेस्ट हो चुका है.