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पाकिस्तान का कबूलनामा, मुंबई के 26/11 हमले में शामिल थे लश्कर के 11 आतंकवादी
November 12, 2020 • Raj Kumar Mali • देश हलचल
 

कराची. पाकिस्तान (Pakistan) की संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने बुधवार (11 नवंबर) को स्वीकार किया है कि भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई हुए 26/11 के हमले (26/11 Mumbai Attack) में पाकिस्तान के आतंकियों का हाथ था. एफआई ने इस बात को स्वीकार लिया है कि मुंबई स्थित ताज होटल (Taj Hotel) पर हुए हमलों को लश्कर-ए-तैयबा के 11 आतंकियों ने अंजाम दिया है.

दरअसल, भारत के लगातार दबाव बनाने पर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान को अपने घुटने टेकने ही पड़े. इसलिए ही पाकिस्तान ने 26/11 के हमले में शामिल आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला लिया है. इस फैसले के तहत पाक ने इन आतंकवादियों को मोस्ट वांटेड करारा दे दिया है. पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने मोस्ट वॉन्टेड की नई लिस्ट तैयार की है और इस लिस्ट में मुंबई के हमले में शामिल 11 आतंकवादियों के नाम भी शामिल किए है.

हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों के नाम
हमले में शामिल बोट खरीदने वाले आतंकवादी मुल्तान के मो. अमजद खान अभी देश में है इस बात को भी पाकिस्तान ने माना है. इस लिस्ट में 26/11 हमलों को लेकर जानकारी दी गई है कि ताज में हुए आतंकी हमले को अंजाम देने वाली नाव में 9 क्रू मेंबर्स थे.

क्या हुआ था 26 नवंबर 2008 को?
बता दें कि 26 नवंबर 2008 को आतंकियों ने मुंबई के ताज होटल सहित 6 जगहों पर हमला कर दिया था. हमले में करीब 160 लोगों ने अपनी जान गंवाई. सबसे ज्यादा लोग छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में मारे गए. जबकि ताजमहल होटल में 31 लोगों को आतंकियों ने अपना शिकार बनाया था. 
लगभग 60 घंटों तक सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में करीब 160 लोगों की जानें गईं. लेकिन इस अचानक हुए हमले को भी हमारे देश के वीरों ने काबू में कर लिया. ऐसे ही एक वीर थे तत्कालीन एटीएस (ATS) चीफ हेमंत करकरे. जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए आतंकियों का सामना किया और लोगों को बचाते हुए शहीद हो गए. करकरे अपने घर पर रात 9.45 बजे खाना खा रहे थे. इस दौरान छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर आतंकी हमले की खबर उन्हें फोन से मिली. उन्होंने टीवी देखा तो उन्हें समझ आ गया कि यह मामला गंभीर है. वे उसी समय अपने ड्राइवर और बॉडीगार्ड के साथ सीएसटी के लिए रवाना हो गए. वहां पहुंचने के बाद वे आतंकियों को खोजने के लिए स्टेशन पहुंचे लेकिन वहां पर कोई नहीं था. इसके बाद वे कामा हॉस्पिटल की तरफ बढ़े. इस दौरान सेंट जेवियर्स कॉलेज के पास एक पतली गली में आतंकियों ने एके-47 से उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें हेमंत करकरे सहित अन्य पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए.