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पंचायत चुनाव शाहपुरा में भाजपा में विरोध के स्वर मुखर, कांग्रेस की बल्ले बल्ले
November 11, 2020 • Raj Kumar Mali • भीलवाड़ा हलचल

 

शाहपुरा -(मूलचन्द पेसवानी)
पंचायत राज आम चुनाव में शाहपुरा पंचायत समिति में पंचायत समिति के सदस्यों के टिकट वितरण को लेकर भाजपा संगठन में सिर फटौवल सरे आम होने से अभी से ही कांग्रेस का प्रधान बनने की अफवाहें चलने लगी है। भाजपा के शाहपुरा मंडल अध्यक्ष, फुलियाकलां मंडल अध्यक्ष, शाहपुरा मंडल के पूर्व महामंत्री व निवर्तमान उप प्रधान तथा पूर्व शाहपुरा मंडल अध्यक्ष का टिकट कटने को लेकर शुरू हुए विरोध के चलते नामाकंन दाखिल करने व जांच के दौरान भाजपा संगठन कहीं भी नहीं दिखा। जिला प्रभारी व शाहपुरा पर्यवेक्षक भी कार्यकर्ताओं को कहीं नहीं मिले। विरोध के स्वर अब मुखर होकर भाजपा के प्रत्याषियों के लिए घातक बन गये है, इस कारण कांग्रेस खेमें में अभी से जष्न का माहौल दिखने लगा है तथा सोषल मीडिया पर टिकट न मिलने से नाराज नेताओं की टिप्पणियों को कांग्रेसी ही खुलकर वायरल कर माहौल को जमाने में लगे है। 
भाजपा में टिकट वितरण में किसकी चली और किसकी नहीं चली इसका अधिकारिक किसी को कोई कारण समझ में नहीं आ रहा है क्यों कि सभी गुटों के प्रमुख दावेदारों के टिकट कटने के कारण ये सभी विरोध के स्वर मुखर करने लगे है। कहने को टिकट से वंचित रहे नेता टिकट के मैनेज होने का आरोप लगा रहे है पर खुलकर कोई भी आरएसएस के खिलाफ नहीं बोल रहा है। इनको पता है कि शाहपुरा में टिकट आरएसएस कार्यालय से ही निर्धारित हुए है पर मजबूरी में अपने मातृसंगठन के खिलाफ आवाज हीं नहीं निकल पा रही है। शाहपुरा भाजपा मंडल अध्यक्ष रामलाल जाट तो इतने क्रोधित है कि अपनी पत्नी को ही निर्दलीय प्रत्याषी मैदान में उतार कर भाजपा के खिलाफ झंडा खड़ा कर बगावत का आगाज कर दिया है। 
शाहपुरा पंचायत समिति में शाहपुरा भाजपा मंडल अध्यक्ष रामलाल जाट, पूर्व अध्यक्ष रामप्रसाद जाट, पूर्व महामंत्री सत्यनारायण मालू, पूर्व उप प्रधान बजरंगसिंह राणावत, फुलियाकलां भाजपा मंडल अध्यक्ष रामधन गुर्जर टिकट दौड़ में अपने को आगे रखे हुए थे। इनको उम्मीद थी कि टिकट तो हमारा पक्का है। हालांकि संगठन की ओर से बजरंगसिंह राणावत को शाहपुरा में चुनाव संयोजक भी बनाया गया है पर उनसे यह नहीं पूंछा गया कि क्या चुनाव लड़ना चाहते हो क्या। अगर ऐसा होता तो उनको संयोजक नहीं बनाया जाता। खैर टिकट मांगने की रस्म अदायगी कर जिला कार्यालय में छंटनी का नाट्यक्रम भी किया गया पर हुआ अंततः वो ही जो आरएसएस ने चाहा। एक एक दावेदार का टिकट कटता गया तो विरोध के स्वर सामने आये। विरोध जताने वाले जयपुर तक पहुंचे, शाहपुरा विधायक, सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री रही वसुंधरा राजे व प्रदेष संगठन तक अपनी बात को रखा पर कहीं पर उनको सुना ही नहीं गया।
आज नामाकंन पत्रों की जांच के बाद टिकट वितरण से नाराज नेताओं को मनाने तक कोई वरिष्ठ नेता यहां नहीं दिखा है ऐसे में भाजपा बोर्ड कैसे बनायेगी इस पर संषय के बादल मंडराने लगे है। 11 नवंबर को नाम वापसी के बाद शुरू होने वाले प्रचार अभियान में टिकट से वंचित रहे नेता क्या करेगें, इन पर नजर रखने के लिए जरूर आरएसएस ने टीम तैयार कर ली है। उनकी हर गतिविधि को रेखाकिंत करते हुए भाजपा की रणनीति तैयार होगी।
सरपंच मालू ने बताया कि शाहपुरा क्षेत्र में निवर्तमान उप प्रधान बजरंग सिंह राणावत सहित कई व्यक्तियों के टिकट काटे गए हैं। जो कदापि उचित नहीं है। यह कार्यकर्ताओं की भावना से खिलवाड़ है। टिकट वितरण के दौरान शाहपुरा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रामलाल जाट तथा फुलिया कला ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रामधन गुर्जर का भी टिकट कट गया। शाहपुरा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रामलाल जाट ने बगावती व तीखे सुर अपनाते हुए अपनी पत्नी को निर्दलीय चुनाव लड़ाने का एलान कर दिया है। आज जांच के दौरान भी उन्होंने भाजपा के अधिकृत प्रत्याषी के आवेदन पर आपत्ति की पर उसे खारीज कर दिया है। 

-मालू ने लगाया टिकट मैनेज होने के आरोप -
आमली कला के सरपंच तथा भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री सत्यनारायण मालू ने वीडियो जारी करके टिकट वितरण में मनमानी व टिकटों को मैनेज करने के आरोप अपनी ही पार्टी पर लगाए हैं। उन्होंने बताया कि 25 वर्षों से उनका परिवार का सदस्य ही सरपंच बनता आया है। पंचायत समिति के वार्ड जिसमें आमली कला तथा अरनिया रासा ग्राम पंचायत आती है जिनके स्थानीय प्रतिनिधियों को टिकट वितरण के दौरान किसी तरह की कोई तवज्जो नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि तीन निर्दलीय भी उनके क्षेत्र से मैदान में हैं। उन्होंने पार्टी पर बाहरी लोगों को थोपने का भी आरोप लगाया। 

विधायक मेघवाल के साथ सक्रिय रहे, इस कारण कटे टिकट- चोधरी 
पूर्व मंडल अध्यक्ष रामप्रसाद चोधरी के नाम से भी सोशल मीडिया पर टिकट वितरण को लेकर नाराजगी का मैसेज सर्कुलेट हो रहा है। जिसमें बताया गया कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के समय सबसे सक्रिय रहे तत्कालीन पदाधिकारियों के भी टिकट काटे गए हैं जबकि क्षेत्र में इन्हीं लोगों की सर्वाधिक मौजूदगी रही। जिस को नजरअंदाज करते हुए भाजपा द्वारा बाहरी व्यक्तियों को टिकट दे दिया। जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओ की उपेक्षा हुई है। 

गांव में कोई नहीं था तब उठाया भाजपा का झंडा- रामधन गुर्जर
पूर्व ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रामप्रसाद जाट ने सोषल मीडिया पर कहा कि वो 5 साल तक भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष शाहपुरा रहा। उसके बाद लगातार 9 साल तक पार्टी का महामंत्री रहा। 4 साल तक भारतीय जनता पार्टी का मंडल अध्यक्ष रहा। शाहपुरा विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल के लिए रात दिन एक किया,काम किया। उनके प्रतिनिधि ने वर्तमान टिकट बंटवारे में उनकी कहीं पर भी राय नही ली। तो आम कार्यकर्ता से क्या अपेक्षा की जा सकती है। चोधरी ने बताया कि मैंने स्वयं  केवल वार्ड नंबर 5 के अलावा कहीं से भी अपनी दावेदारी नहीं जताई ,मुझे मेरी टिकट की कोई अपेक्षा नहीं है परंतु भारतीय जनता पार्टी शाहपुरा के मंडल अध्यक्ष रामलाल जाट एवं फुलिया कला मंडल अध्यक्ष रामधन गुर्जर, पूर्व पूर्व उप प्रधान बजरंग सिंह राणावत, एवं वरिष्ठ नेता सत्यनारायण मालू का टिकट काट दिए जाने का सभी को अफसोस है। उन्होने कहा कि नहीं जीतने वाले लोगों को केवल इस आधार पर टिकट दिए हैं कि वह उनकी चमचागिरी करते हैं। चोधरी ने यह भी लिखा है कि चाहे इसके लिए मुझे भारतीय जनता पार्टी से बाहर का रास्ता क्यों ना दिखा दे, उसे कोई परवाह नहीं है पर साथियों के लिए जिनका वाजिब हक था उनके लिये हमेशा संघर्ष जारी रहेगा। 


भाजपा ग्रामीण मंडल फुलिया कलां अध्यक्ष रामधन गुर्जर ने सोषल मीडिया पर कहा है कि जब सन 1995 में आमली बारेठ में भारतीय जनता पार्टी का झंडा उठाने वाला कोई नहीं था तब मैं अपने गांव आमली बारेठ में अकेला भाजपा के साथ खड़ा था। उस वक्त कैलाश मेघवाल पहली बार शाहपुरा से विधायक चुने गए थे। तब भी मैंने पंचायत समिति वार्ड नंबर 13 से पंचायत समिति सदस्य के रूप में भाजपा से टिकट मांगा था किंतु मेरा टिकट काट दिया गया। फिर भी मैं लगातार पार्टी की सेवा करता रहा। सन 2000 में निर्विरोध ग्राम पंचायत वार्ड मेंबर के रूप में चुना गया और सन 2005 में सरपंच के रूप में चुना गया। फिर 2016 में भाजपा मंडल शाहपुरा से मेरे मित्र रामप्रसाद जाट के सहयोग से उपाध्यक्ष बना। इस वर्ष में मैंने मेरी पत्नी सोहनी देवी के लिए पंचायत समिति सदस्य शाहपुरा वार्ड नंबर 13 से भाजपा टिकट की मांग की किंतु इस बार फिर टिकट काट दिया गया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण मंडल अध्यक्ष शाहपुरा रामलाल जाट और मेरे द्वारा सुझाव देने के बाद भी विधायक,सांसद एवं जिला अध्यक्ष ने  विधायक कैलाश मेघवाल के खिलाफ चुनाव के वक्त गाली गलौज व विरुद्ध प्रचार करने वाले चंद लोगों के बहकावे में आकर टिकट वितरण कर दिये।