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पूर्व मंडल अध्यक्ष सिसोदिया ने टिकट वितरण से पूर्व अपना नाम लिया वापस, मचा हड़कंप
November 8, 2020 • Raj Kumar Mali • भीलवाड़ा हलचल

 बनेड़ा ( केके भण्डारी )  आने वाले पंचायती राज चुनाव को लेकर जहां संभावित प्रत्याशी और कार्यकर्ता राजनीतिक पार्टीयों से टिकट के लिए मशक्कत करने में लगे हुए हैं और कैसे ना कैसे जोर लगाते हुए  टिकट की जुगाड़ कर रहे हैं,वहीं बनेड़ा भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष ने शनिवार को टिकट वितरण से पूर्व ही अपना नाम वापस लेकर सबको चौंका दिया जिससे क्षेत्र की राजनीति में तहलका मच गया। बनेड़ा भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष गोपाल चरण सिंह सिसोदिया ने बताया कि उनके द्वारा पंचायती राज चुनाव में पार्टी से टिकट हेतू आवेदन किया गया लेकिन तथाकथित व्यक्ति द्वारा पार्टी में भ्रम एवं फूट डालने के लिए हाल ही में बिना मंडल संगठन की स्वीकृति के मीटिंग का आयोजन कर पार्टी के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक के विरुद्ध फर्जी आरोप लगाकर दुष्प्रचार किया । इस दुष्प्रचार से विचलित होकर मैं पार्टी के टिकट वितरण से पूर्व अपना नाम वापस ले रहा हूं तथा संगठन के हित में पंचायती राज चुनाव में पार्टी स्तर पर जिनको भी उम्मीदवार बनाएगी उसका मैं तन मन और धन से सहयोग करूंगा ।पूर्व मंडल अध्यक्ष द्वारा अपना नाम वापस लेने की घोषणा करते ही क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई, साथ ही राजनीति के क्षेत्र में हड़कंप मच गया । हालांकि यह तो बाद में ही पता चल पाएगा कि पूर्व मंडल अध्यक्ष इस फैसले से चुनावी परिणाम कहां तक प्रभावित होते हैं लेकिन फिलहाल इनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई जिससे कहीं ना कहीं पार्टी को नुकसान तो हो ही सकता हैं ।उधर बनेड़ा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोपाल लाल बांगड़ ने भी पंचायत समिति सदस्य चुनाव के लिए वार्ड नंबर 12 से आवेदन कर सबको चौंका दिया । बांगड़ पूर्व में सरपंच भी रह चुके हैं और निरंतर कांग्रेस पार्टी में सक्रिय है रूप से कार्यरत हैं ।फिलहाल क्षेत्र के मतदाता और कार्यकर्ताओं को राजनीतिक पार्टियों द्वारा घोषित उम्मीदवारों की सूची का इंतजार हैं। नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को ऐसे चेहरे भी फॉर्म भर कर चौंका सकते हैं  जिनके के बारे में किसी ने सोचा भी नहीं ।राजनीतिक पार्टियों में अंतर कलह की वजह से अभी यह अनुमान लगाना कतई संभव नहीं है कि कौन सी पार्टी अपना बोर्ड बना पाएगी । पार्टियों में  गुटबाजी  के चलते यह जरूर है कि किसी की बाजी कोई और ना ले जाएं ।