ALL भीलवाड़ा हलचल प्रदेश हलचल देश हलचल चित्तौडग़ढ़ हलचल विदेश मध्यप्रदेश हलचल राजसमंद हलचल कारोबार मध्य प्रदेश राशिफल
सात दिन पहले पालनागृह में त्यागे शिशु का पिता होने का युवक ने किया दावा, सुपुर्दगी व सुरक्षा की लगाई गुहार
October 22, 2020 • Raj Kumar Mali

 भीलवाड़ा हलचल। शहर के मातृ एवं शिशु चिकित्सालय के पालनागृह में सात दिन पहले त्यागे गये नवजात का पिता होने का एक युवक ने न केवल दावा किया है, बल्कि  बच्चा सुपुर्द करने और बच्चे को जन्म देने वाली युवती की सुरक्षा की गुहार भी लगाई है। युवक ने सीएम से लेकर पुलिस अधीक्षक को ई-मेल भेजा है, जिसमें उसका गैर जाति की युवती से प्रेम-प्रसंग के चलते इस बच्चे का जन्म होने की बात कही है। बता दें कि भीलवाड़ा में यह पहला मामला है, जब किसी त्यागे गये बच्चे को अपनी संतान बताकर सुपुर्दगी की गुहार लगाई है।  
बागौर के  21 वर्षीय गोपालाल लाल रैगर ने  ई-मेल से भेजे इस पत्र में बताया कि वह बाइक रिपेयरिंग वर्कशॉप पर काम करता है। गोपाल का कहना है कि उसका एक गैर समाज की युवती से परिचय हुआ। दोनों एक-दूसरे से प्रेम करने लगे। युवती के परिवार वाले इससे नाखुश थे। दोनों एक-दूसरे से मोबाइल पर बात करते और मिलने लगे थे। 17 फरवरी को वह युवती के साथ उदयपुर जा रहा था। रेलमगरा में शाम 6-7 बजे भीलवाड़ा पुलिस ने पकड़ लिया। 
दोनों को रेलमगरा थाने ले गये। बाद में उसे भीलवाड़ा के एक थाने में ले आये। जहां उनके बयान रेकार्ड किये गये। युवती को उसके परिजन घर ले गये, जबकि उसकी दो-तीन दिन बाद  कोर्ट से जमानत हो गई। युवती के परिजनों ने उसे डराया-धमकाया। गोपाल ने  पत्र में कहा कि  युवती ने उससे कहा कि  वो मेरे नुत्फे से गर्भवती है और यदि  घर वालो को पता चला तो वो अर्बोशन करवा देगें और कहा कि वो इस बच्चे को जन्म देना चाहती है।  
इसी दरमियान  17 अक्टूबर को सुबह  7 बजकर 41 मिनट पर युवती ने  फोन कर कहा कि डिलेवरी के सम्बन्ध मे  उसके मम्मी पापा को भी पता चला गया है, उसने मुझे बुलाया। परन्तु में उसके घर वालो द्वारा जान से मारने की दी गई धमकीयो से डर गया। इसके बाद पुन: 17 अक्टूबर को दिन मे 12 बजकर 38 मिनिट पर युवती ने फोन करके कहा कि  घर पर सबकुछ हो गया। घर वाले इसे भीलवाड़ा  ले जा रहे हैे। 
गोपाल ने कहा कि वह अनुसूचित जाति से है और युवती गैर समाज की है, इसलिये वह युवती की सहायता नहीं कर पाया। 20 अक्टूबर को दिन में करीब 11.26 बजे मोबाईल से युवती ने  फोन कर  कहा कि  मेरा बच्चा लाकर दे दों। युवती ने यह भी कहा कि उसके पिता नवजात शिशु को एम जी हॉस्पीटल मे छोड आये हैं। 
गोपाल ने दावा किया कि वह इस नवजात का पिता है। उसका बच्चा बीमार है। गोपाल ने यह भी कहा कि वह इसका पालन-पोषण करना चाहता है। उसने ई-मेल से भेजे पत्र में  युवती के परिजनों से जान को खतरा होने की बात कही है।  गोपाल ने नवजात को उसे सुपुर्द करने की अधिकारियों से गुहार की है।  गोपाल ने यह पत्र ई-मेल के जरिये मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, राष्ट्रीय मानवाधिकार महासचिव, महिला आयोग, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आईजी अजमेर रेंज, एसपी, एएसपी भीलवाड़ा, पुलिस थाना भीमगंज को भेजा है।